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Wednesday, September 2, 2020

हरदोई ट्रिपल हत्त्याकांड का खुलाशा।






-- हरदोई के ट्रिपल हत्याकांड का 36 घंटे के अंदर हुआ खुलासा।

---हरदोई के पुलिस अधिकारियों की इस घटना से उड़ी थी नींद।

--घटना में 1 अभियुक्त फरार तीन अभियुक्त हुए गिरफ्तार

 --साधु की संपत्ति हथियाने को लेकर की गई थी साधु, उसकी शिष्या व उसके पुत्र की नृशंस हत्या ।

  हरदोई में ट्रिपल मर्डर केस का हुआ खुलासा 36 घंटे के बाद हरदोई पुलिस को मिली सफलता जिसके बाद तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा किया हरदोई टडियावा थाना इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर ने पुलिस अधिकारियों की नींद उड़ा कर रखी थी इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मच गया था जिसका खुलासा बहुत ही आवश्यक था लेकिन हरदोई पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए एसपी व एडीजी जोन के निर्देश में बनी 5 लोगों की टीम आनन-फानन में मात्र 36 घंटों में ही हत्यारों को धर दबोचा।

1--हरदोई  31 अगस्त कि टडियावा के ग्राम कुआं मऊ में रात के समय हीरादास उम्र करीब 70 वर्ष मीरा दास उम्र 65 वर्ष व नेतराम पुत्र हीरा दास उम्र पैंतालीस वर्षीय अज्ञात लोगों द्वारा तीनो लोगों की हत्या कर दी गई थी ---इस तिहरे  हत्याकांड की सूचना से प्रदेश स्तर पर सनसनी सी मच गई--- आनन-फानन में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एस एन सावंत को हरदोई आना पड़ा और उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर हरदोई पुलिस को समय  सीमा के अंतर्गत उस घटना का खुलासा करने और वास्तविक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की सख्त हिदायत दी थी--- पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के कुशल निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी सीओ  हरियावां, टडियावा स्पेक्टर की अगुवाई में 5 टीमें गठित की गई थी---  इन पांचों टीमों ने सर्विलांस टीम की मदद ली और घटना की विस्तृत छानबीन की तो मामला संपत्ति विवाद और संपत्ति को हड़पने की वजह से उक्त हत्याकांड को अंजाम देने की बात सामने आई----घटना के अनावरण के दौरान हिस्ट्रीशीटर अपराधी रछपाल पासी पुत्र सुरेंद्र निवासी रोहता पुर थाना मझिला जो मृतक हीरादास के पास 1 वर्ष पूर्व जेल से छूटने के बाद आया था ---और धीरे-धीरे उनका विश्वास ने भी बन गया था----रक्षपाल ने इसी बीच बाबा हीरा दास का विश्वास जीतकर वह उन्हें गुमराह कर अपने पक्ष में एक फर्जी वसीयतनामा को तैयार कराया,  जिसमें दर्शाया गया था कि उसका बेटा बाहर ही रह रहा है और उसका बाबा से कोई मतलब नहीं है। रक्षपाल ने बाबा की संपत्ति का वारिस बनने के लिए उसको हटाने का षड्यंत्र रचा और उसके इस षड्यंत्र में उसके सगे साले संजय पुत्र रामाश्रय निवासी  नीर थाना कोतवाली देहात व राजीव पुत्र चंद्र किशन निवासी बंद रहा थाना पिहानी जनपद हरदोई भी शामिल हुए---  इन तीनों ही लोगों ने रात के अंधेरे में 31 अगस्त की रात को बाबा की नृशंस हत्या कर दी।  महत्वपूर्ण बात यह है कि रक्षपाल इस घटना को अंजाम देने के बाद भी घटनास्थल पर बराबर बना रहा और उसने ग्राम प्रधान को फोन कर बताया कि रात में किसी ने आकर बाबा उनकी शिष्या और उसके पुत्र की निर्मम हत्या कर दिए।  लेकिन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार की अगुवाई में बनी पुलिस टीम द्वारा जांच पड़ताल, खोजबीन और विभिन्न स्रोतों से जुटाई गई जानकारी व क्रॉस  क्वेश्चन से वह बच नहीं सका और  उसने अपना गुनाह कुबूल कर दिया।  पुलिस ने घटना में प्रयुक्त खून से सनी के एक पोटली में अभियुक्त की टीशर्ट घटना में मोटरसाइकिल 4 मोबाइल, एक फर्जी फर्जी वसीयत और एक चाकू भी बरामद किया है। एसपी हरदोई अमित कुमार ने खुलाशा करते हु
ए घटना की पूरी विस्तृत जानकारी दी।


रिपोर्ट
नितेश चंद्र शुक्ला
जिला--हरदोई




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